गांव बाघपुर के बारे में सम्पूर्ण जानकारी
हरियाणा राज्य के झज्जर जिले की बेरी तहसील में स्थित बाघपुर एक ऐतिहासिक और समृद्ध गांव है। यह गांव बेरी कस्बे के निकट स्थित है और इसका पिन कोड 124201 है। लगभग 3,000 से अधिक की आबादी वाले इस गांव में करीब 582 परिवार निवास करते हैं। गांव का कुल क्षेत्रफल लगभग 650 हेक्टेयर है, जिसमें अधिकांश भूमि कृषि कार्य के लिए उपयोग में लाई जाती है।
बाघपुर गांव की सबसे बड़ी विशेषता इसका अद्भुत भाईचारा और सामाजिक एकता है। एक समय जब समाज में जात-पात और छुआछूत जैसी बुरी प्रथाएं प्रचलित थीं, उस दौर में गांव के लोगों ने मिलकर इन भेदभावों को समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। प्रोफेसर शेर सिंह के नेतृत्व में सभी जातियों के लोगों ने एक ही कुएं से पानी भरने की परंपरा शुरू की, जिसने सामाजिक समानता और भाईचारे की मजबूत नींव रखी। इस निर्णय में गांव के कई सम्मानित व्यक्तियों ने सहयोग दिया और आज भी गांव में यह एकता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
बाघपुर गांव लगभग 800 वर्ष पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि बागा नामक व्यक्ति ने यहां आकर बसावट की थी, जिसके नाम पर इस गांव का नाम बाघपुर पड़ा। गांव के लोग धार्मिक, मिलनसार और संस्कारवान हैं तथा सभी त्यौहार आपसी भाईचारे के साथ मिलकर मनाते हैं।
गांव विकास के मार्ग पर लगातार अग्रसर है और वर्ष 2008 में इसे आदर्श गांव का दर्जा भी प्राप्त हुआ। यहां शिक्षा और सामाजिक सुविधाओं के लिए स्कूल, मंदिर, चार आंगनवाड़ी केंद्र, छह चौपाल तथा सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव के अधिकांश लोग खेती, पशुपालन और सरकारी या निजी नौकरियों में संलग्न हैं।
देश सेवा के प्रति बाघपुर के युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। गांव के कई युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा सेना में जाने के लिए अभ्यास करते हैं। गांव में लगभग 250 पूर्व सैनिक भी हैं, जिन्होंने देश की सेवा के बाद समाज में योगदान दिया है।
इसके अतिरिक्त, बाघपुर ने अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी दिए हैं, जिनमें प्रोफेसर शेर सिंह (पूर्व सिंचाई मंत्री), ओम प्रकाश कादयान (पूर्व विधायक), विजय कुमार (आईएएस), कर्नल राजेश कुमार, डॉक्टर अरविंद, कर्नल विनय कादियान और डॉक्टर प्रवीण कौर जैसे नाम शामिल हैं। गांव के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम और हिंदी आंदोलन में भी सक्रिय भाग लिया और कई बार जेल यात्राएं भी कीं।
खेलों के क्षेत्र में भी बाघपुर का योगदान उल्लेखनीय है। यहां के खिलाड़ियों ने कुश्ती और अन्य खेलों में गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
कुल मिलाकर, बाघपुर गांव एक ऐसा आदर्श ग्राम है जहां परंपरा, प्रगति, शिक्षा, देशभक्ति और भाईचारा एक साथ देखने को मिलता है।
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पंच
सुरजमल
पंच
सचिन
पंच